112 जैंत के गुण और उससे होने वाले आयुर्वेदिक इलाज

 जैंत के गुण और उससे होने वाले आयुर्वेदिक इलाज



गुण (Property)

जैंत छोटा, रूखा, कडुवा, तीखा, स्वादिष्ट, बुखार को नष्ट करने वाला, गर्म प्रकृति वाला, विषघ्न (जहर को नष्ट करने वाला), त्रिदोष (विशेषत: कफ पित्त को नष्ट करने वाला), दीपन (उत्तेजक), ग्राही (भारी), कृमिघ्न (कीड़े को मारने वाला), रक्तशोधन (रक्त को शुद्ध करने वाला), चेचक के तेज बुखार को नष्ट करने वाला, मधुमेह, गले के रोगों को ठीक करने वाला होता है। तथा यह ग्रंथियों की टी.बी. आदि रोगों में लाभकारी है।

विभिन्न रोगों में उपचार (Treatment of various diseases)

जैंत के पत्ते पेट के कीड़े को नष्ट करने वाला होता है। इसके पत्तों का काढ़ा बालों के रोग, सूजन, दर्द, कुष्ठरोग तथा संधिवात रोग (गठिया के रोग) को ठीक करने में सहायक है। इसके पत्तों का प्रयोग करने से मूत्ररोग ठीक हो जाता है तथा शरीर में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है। इसके पत्तों का गर्म काढ़ा तथा इसके पत्तों की पट्टी अण्ड-वृद्धि तथा जोड़ों के दर्द रोग में प्रयोग करने से बहुत लाभ मिलता है।





113   जीरा के गुण और उससे होने वाले आयुर्वेदिक इलाज  

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